मुस्लिम महिलाओं के लिए आई खुश खबरी : तीन तलाक का बिल लोकसभा में पास

एक बार फिर से तीन तालाक को लेकरविभिन्न पार्टियों के बीच वाद-विवाद देखने को मिला. मुस्लिम महिलाओं के अधिकार की जंग सुप्रीम कोर्ट के बाद जब लोकसभा में भी जीत ले आई है.14 सौ साल पुरानी प्रथा महज सात घंटे में पारित हुई।


सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त में ही तीन तलाक को गैरकानूनी ठहराया था , और सरकार को जल्द से जल्द इसके खिलाफ कानून बनाने की आदेश दि थी । सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के पालन करते हुए सरकार की ओर से कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने तीन तलाक के खिलाफ बिल को गुरुवार को लोकसभा में पेश किया , कांग्रेस ने इस बिल का समर्थन किया लेकिन उनका यह भी कहना है कि इस बिल को और अच्छे तरीके से बनाया जा सकता है , इसके लिए इस बिल को स्थाई समिति को भेजा जाए । लेकिन सरकार इस बिल में कोई बदलाव नहीं चाहती ।
सूत्रों के अनुसार देखे तो रामपुर में सिर्फ़ इसलिए तलाक दिया गया क्योंकि उसकी बीवी सुबह लेट से उठी थी वही दूसरी तरफ बिना burka पहने बाजार जाने पर तलाक दिया गया ।
मुस्लिम महिलाओं के साथ हो रहे आत्याचार को देखते हुए मोदी सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लिया है ।

सरकार की तरफ से जहां केंद्रीय कानून मंत्री ने विधेयक पास करने के लिए मोर्चा संभाला है , वही विपक्ष की ओर से ओवैसी ने बिल के प्रावधानों का विरोध करते दिखाए दिए हैं उन्होंने साथ ही साथ यह भी कहां है कि तीन तलाक जैसी कोई बात जब इस्लाम में ही नहीं है तो फिर बिल किस लिए उन्होंने मोदी सरकार निशान साधते हुए कहां है यह बस एक साजिश है जिसके तहत मुसलमानों को जेल भेजा जा सके. औवेशी के द्वारा दिए गए तीन में से दो संशोधन प्रस्ताव वोटिंग में खारिज हो गए ।

रविशंकर प्रसाद ने अपने मत को रखते हुए कहा कि इस विषय को वोट के चश्मे से नहीं बल्कि इंसानियत के चश्मे से देखा जाए। समाज वादी पार्टी भी इस बिल में कुछ सुधार की मांग करती दिखाई दी । लेकिन अंत में यह बिल लोकसभा में पास हो गया ।
कुछ धर्म के ठेकेदारों का कहना है कि यह बिल से इसलाम को खतरा है ,लेकिन सच्चाई यह है कि यह बिल से महिलाओं को अपनी जागीर समझने वाले पुरुषों के लिए खतरा है।
मुस्लिम महिलाओं ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आज का दिन उनके लिए ईद से भी बड़ा है ।

Report : Komal Behl , Jamia Millia Islamic University , Delhi

 

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