मौलवियों के अमानवीय फतवा : जाने फतवा का सही मतलब


प्रत्येक दिन हम किसी ना किसी व्यक्ति के खिलाफ फतवा जारी करने जैसी खबरें अखबार में पढ़ते हैं परंतु हमारे समाज की बहुत से लोग ऐसे हैं जिन्हे फतवा का मतलब नहीं पता होता तो चलिये फतवा के सही अर्थ से हम आपको परिचित करवाते हैं.
इस्लाम से जुड़े किसी मसले पर कुरानऔर हदीस के प्रकाश में जो हुक्म जारी जारी किया जाए वह फतवा होता है. हदीस यानी पैगंबर मोहम्मद ने जिस तरह से अपना जीवन व्यतीत किया उनकी जो प्रमाणिक मसाले हैं. ऐसा हमेशा सोचा गया है कि फतवा कोई भी मुफ्ती द्वारा जारी किया जा सकता है परंतु वास्तविकता में फतवा जारी करने के लिए मुफ्ती बनना अथवा मुफ्ती बनने के लिए शरिया कानून, कुरान और हदीस की गहरी शिक्षा प्राप्त करना अनिवार्य होता है. ज्यादातर फतवे में परिस्थिति और संदर्भ जुड़े होते हैं या महज एक राय होती है अब उस राय का पालन करना
अनिवार्य नहीं होता उस राय को कोई दूसरा मुफ्ती अपने फतवे में उसे इस्लामिक तर्क से नकार सकता है.गौरतलब है कि कुछ ऐसे मुफ्ती है जो इस्लाम के अनुसार कम अपने फायदे को ध्यान में रखते हुए फतवा जारी करना और इस्लाम को बदनाम करने का कृत्य कर रहे हैं.


दारुल उलूम देवबंद भारत का एक इस्लामी स्कूल है जो उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में स्तिथ है.यह एशिया का सबसे बड़ा एवं विशाल मदरसा से पहचाना जाता है जो कि तमाम फतवे को जारी करता है. सूत्रों के अनुसार पता चला है कि पिछले साल अप्रैल में “भारत माता की जय” बोलने पर दारुल उलूम की मुक्ति द्वारा विवाद छेड़ा गया और फतवा जारी किया गया था. आकड़ों के अनुसार देखा जाए तो दारुल उलूम से 12 साल में ऑनलाइन करीब 1 लाख से अधिक फतवे भारत में जारी किए गए हैं.
एक तरफ जहां भारत की महिलाएं देश के चहुँमुखी विकास के लिए अपना महत्वपूर्ण
योगदान दे रही है तो वहीं दूसरी तरफ हमारे समाज के कुछ ऐसे पढ़े-लिखे अनपढ़ लोग हैं जो मुस्लिम महिलाओं के विकास करने पर नियंत्रण लगा रहे हैं.
वर्ष 2016 में मुस्लिम महिलाओं के घर से बाहर जाकर नौकरी करने पर फतवा जारी किया गया था वही वर्ष 2017 में तंग व चुस्त बुर्के और कपड़े पहनने को लेकर फतवा जारी किया गया था.
वर्ष 2018में बैंकिंग सेक्टर में नौकरी करने वाले लोगों के यहां शादी ना करने की सलाह देने वाला फतवा जारी हुआ था.


हाल मे ही जाने-माने गीतकार सोनू निगम द्वारा धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर ना इस्तमाल करने पर सोनू निगम के खिलाफ फतवा जारी किया और तो और उनके सर के बाल मुड़वाने पर 10 लाख का प्रस्ताव रखा तो वहीं दूसरी तरफ इंडियन आइडल में दूसरे स्थान पर रहने वाली नाहिद आफरीन के खिलाफ 42 मुफ्तीयों ने फतवा जारी किया था. मौलवीयों ने नाहिद पर आरोप
लगाया है की उसने शरिया कानून के खिलाफ गीत प्रस्तुत किया जबकि पुलिस तहकीकात द्वारा यह बात सामने आई है कि उसने पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन ISIS के खिलाफ गीत प्रस्तुत किया था जिसके वजह से नाराज मुफ्तीयों ने नाहिद के खिलाफ फतवा जारी कर दिया. वर्ष 2017 के दिसम्बर माह में लखनऊ में आयोजित 101वी जयंती के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में एक मुस्लिम स्कूली छात्र आलिया खान द्वारा भगवान श्री कृष्ण का रूप धारण कर भगवतगीता के श्लोक पड़ने पर देवबंदी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए आलिया के खिलाफ फतवा जारी किया है.
चूंकि भारत में इस्लामी कानून को लागू करवाने की कोई व्यवस्था नहीं है इसलिए कुछ मुफ्ती फतवे को नकारात्मक ढंग से इस्तेमाल कर रहे हैं अतः धर्म के नाम पर राजनीति खेल रहे हैं.
सवाल यह है कि खुद को जब ये हिंदुस्तानी बताते हैं तो फिर इन्हें भारत माता की जय बोलने पर   आपत्ति क्यों??
निरंतर फतवा जारी करने की प्रक्रिया और इनके कट्टरता को देखते हुए यहीं निष्कर्ष निकलता है कि ये रहते तो हिन्दुस्तान में है पर बोली किसी और की बोलते हैं।

Report : Komal Behl , Jamia Millia Islamic University, Delhi

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